25 August Instagram Scam Latest Update: 8.5 करोड़ की कमाई, क्या पीड़ितों को मिलेगा रिफंड ?
25 अगस्त 2026 के कथित वीडियो खुलासे के बाद इंटरनेट और मुख्यधारा के मीडिया में इस पूरे मामले ने एक बड़ा और गंभीर मोड़ ले लिया है। जिस घटना को पहले सिर्फ एक सोशल मीडिया प्रैंक या वायरल हथकंडा माना जा रहा था, वह अब राष्ट्रीय स्तर पर एक संगठित डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के रूप में चर्चा में आ चुका है। एनडीटीवी, लाइव हिंदुस्तान और प्रमुख समाचार चैनलों पर खबर आने के बाद अब इस बात पर तीखी बहस चल रही है कि क्या इस बेनामी क्रिएटर को वास्तव में साढ़े आठ करोड़ से चालीस करोड़ रुपये की भारी रकम मिल पाएगी या टेलीग्राम और कानून की एजेंसियां इस पूरे पेआउट को बीच में ही रोक देंगी।
घटना के 24 से 48 घंटे बीतने के बाद इस पूरे मामले में कई बड़े और चौंकाने वाले नए अपडेट्स सामने आए हैं।
मुख्यधारा के मीडिया में मामला आने के बाद क्या बदले हालात?
जैसे ही सोशल मीडिया पर पीड़ितों ने अपनी आपबीती और पांच सौ रुपये गंवाने के स्क्रीनशॉट्स साझा करने शुरू किए, देश के बड़े समाचार पोर्टल्स ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। एनडीटीवी की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक लाख छियासठ हजार लोगों ने इस कथित वीडियो को देखने के लिए भुगतान किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर साढ़े आठ करोड़ रुपये के बड़े घोटाले के आरोप खुलकर सामने आ गए।

राष्ट्रीय मीडिया में मामला आने का सीधा असर यह हुआ कि अब यह सिर्फ इंस्टाग्राम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, फिनटेक कंपनियों और कानूनी वकीलों की नजर इस पूरे फनल मॉडल पर टिक गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह भारतीय इंटरनेट इतिहास में माइक्रो-पेमेंट और मानव उत्सुकता का फायदा उठाकर की गई अब तक की सबसे तेज और सबसे बड़ी डिजिटल उगाही में से एक है।
टेलीग्राम का पेआउट फ्रीज: क्या क्रिएटर तक पहुंच पाएंगे करोड़ों रुपये?
सोशल मीडिया पर इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या 25.august2026 अकाउंट के संचालक को ये साढ़े आठ करोड़ रुपये सच में मिल जाएंगे।
टेलीग्राम के मोनेटाइजेशन और फ्रैगमेंट प्लेटफॉर्म के आंतरिक नियमों पर नजर डालें तो तस्वीर काफी अलग दिखाई देती है:
- इक्कीस दिनों का सुरक्षा होल्ड: टेलीग्राम पर स्टार्स के जरिए मिलने वाले राजस्व को तत्काल नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए कम से कम इक्कीस दिनों का अनिवार्य सुरक्षा लॉक होता है।
- सामूहिक रिपोर्टिंग और चैनल की समीक्षा: देश भर से हजारों उपयोगकर्ताओं द्वारा टेलीग्राम सपोर्ट और फ्रैगमेंट को इस चैनल के खिलाफ भ्रामक सामग्री और धोखाधड़ी की रिपोर्ट भेजी जा रही है। टेलीग्राम की सेवा शर्तों के अनुसार, यदि किसी क्रिएटर पर भ्रामक प्रचार या वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप सिद्ध होता है, तो कंपनी उसके पेआउट को अनिश्चितकाल के लिए रोक सकती है।
- टॉनकॉइन वॉलेट और ब्लॉकचेन ट्रैकिंग: यदि क्रिएटर इन स्टार्स को टॉनकॉइन क्रिप्टो करेंसी में बदलने की कोशिश भी करता है, तो ब्लॉकचेन लेजर पर हर ट्रांजैक्शन सार्वजनिक होता है, जिससे वित्तीय जांच एजेंसियों के लिए पैसे के प्रवाह को ट्रैक करना और भी आसान हो जाता है।
अकाउंट पर क्या हुआ? मास अनफॉलो और सबूत मिटाने की कोशिश
वीडियो लीक के अगले ही दिन से 25.august2026 Instagram Account पर भारी गिरावट दर्ज की गई है। पांच लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले इस अकाउंट से लगभग तीन लाख से ज्यादा लोग अब तक नाता तोड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार घट रही है।
इसके साथ ही सूत्रों के अनुसार, क्रिएटर ने अपने इंस्टाग्राम बायो से टेलीग्राम का मुख्य लिंक हटा लिया है और कमेंट सेक्शन को पूरी तरह से बंद या सीमित कर दिया है ताकि लोग वहाँ गुस्सा न निकाल सकें। टेलीग्राम चैनल पर भी पोस्ट्स को डिलीट या एडिट करने की कोशिशें देखी गई हैं। हालांकि साइबर जानकारों का कहना है कि इंटरनेट आर्काइव और हजारों पीड़ितों द्वारा लिए गए स्क्रीनशॉट्स और ट्रांजैक्शन आईडी पहले ही सुरक्षित हो चुके हैं।
पीड़ितों का सामूहिक रिफंड कैंपेन और चार्जबैक की बाढ़
पैसे गंवाने वाले हजारों इंटरनेट यूजर्स ने अब संगठित होकर अपने पांच सौ रुपये वापस पाने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम शुरू कर दी है:
- गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर भ्रामक इन-ऐप खरीदारी की सामूहिक शिकायतें दर्ज की जा रही हैं, जिसके चलते कई यूजर्स को प्रारंभिक रिफंड मिलने की खबरें भी सोशल मीडिया पर आ रही हैं।
- बैंकों और क्रेडिट कार्ड प्रदाताओं के पास चार्जबैक की अर्जियां लगाई जा रही हैं, जिसमें यह तर्क दिया जा रहा है कि भुगतान किसी भ्रामक और झूठे वादे के तहत कराया गया था।
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर सैकड़ों की संख्या में ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
साइबर सेल और पुलिस की संभावित कार्रवाई का अगला चरण
साइबर क्राइम वकीलों के अनुसार, यह मामला सीधे तौर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत धोखाधड़ी और आईटी अधिनियम की धारा 66डी के अंतर्गत आता है।
यदि जांच एजेंसियां इस मामले में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज करती हैं, तो पुलिस सबसे पहले मेटा (इंस्टाग्राम) और गूगल/एप्पल से उस अकाउंट को बनाने वाले व्यक्ति का आईपी पता, डिवाइस आईडी और पेमेंट गेटवे से जुड़ा बैंक विवरण तलब करेगी। भारत में संचालित किसी भी डिजिटल लेनदेन को पूरी तरह से गुमनाम रखना संभव नहीं है, इसलिए क्रिएटर का पकड़ा जाना केवल समय की बात मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या 25 अगस्त के क्रिएटर को 8.5 करोड़ रुपये का पूरा पेआउट मिल गया है?
जवाब: नहीं, टेलीग्राम के नियमों के अनुसार 21 दिनों का होल्डिंग पीरियड होता है और सामूहिक फ्रॉड रिपोर्टिंग के चलते इस पेआउट के फ्रीज होने की प्रबल संभावना है।
सवाल 2: एनडीटीवी और मीडिया में इस मामले पर क्या नया खुलासा हुआ है?
जवाब: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 1.66 लाख लोगों ने भुगतान किया था और अब इसे संगठित डिजिटल धोखाधड़ी मानकर जांच की मांग की जा रही है।
सवाल 3: क्या पीड़ितों को उनका पैसा वापस मिल रहा है?
जवाब: जिन लोगों ने गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर पर भ्रामक खरीदारी की शिकायत दर्ज कराई है, उनमें से कई लोगों को रिफंड की प्रक्रिया शुरू होने के संदेश मिले हैं।
सवाल 4: क्या क्रिएटर की पहचान सामने आ सकती है?
जवाब: हाँ, इन-ऐप खरीदारी और बैंक खातों से जुड़े केवाईसी विवरण के जरिए साइबर पुलिस क्रिएटर की वास्तविक पहचान तक आसानी से पहुंच सकती है।
निष्कर्ष: 25 अगस्त 2026 का यह मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल कानून और साइबर सुरक्षा के लिए एक बड़ा टेस्ट केस बन चुका है। राष्ट्रीय मीडिया के हस्तक्षेप और हजारों पीड़ितों की कानूनी शिकायतों के बाद यह स्पष्ट है कि बेनामी रहकर इंटरनेट पर करोड़ों की वसूली करना इतना आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में साइबर पुलिस की जांच और टेलीग्राम की कार्रवाई इस बात का फैसला करेगी कि इस आधुनिक डिजिटल खेल का अंजाम क्या होगा।
