प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुई बड़ी सरकारी योजनाएं और आम जनता को मिलने वाले सीधे फायदे
हर साल 17 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन केवल एक औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि केंद्र सरकार इसे सेवा दिवस और जनकल्याण से जुड़े बड़े फैसलों के रूप में मनाती आई है। पिछले कुछ वर्षों में 17 सितंबर का दिन भारतीय नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण कामगारों, पारंपरिक शिल्पकारों, युवाओं और महिलाओं के लिए आर्थिक संबल लेकर आया है। इस खास तारीख पर केंद्र और राज्य स्तर पर ऐसी कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिन्होंने सीधे आम लोगों के बैंक खातों, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका पर गहरा सकारात्मक असर डाला है।

अक्सर लोग केवल जन्मदिन के बधाई संदेशों या आयोजनों की खबरें देखते हैं, लेकिन एक जागरूक नागरिक के तौर पर यह जानना बेहद जरूरी है कि इस दिन कौन-सी बड़ी सरकारी योजनाएं धरातल पर उतरीं और उनसे एक आम परिवार को क्या-क्या आर्थिक सहायता मिल सकती है। इस बार प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान’ से लेकर पारंपरिक कारीगरों को 15,000 रुपये का टूलकिट और कम ब्याज पर लोन देने वाली पीएम विश्वकर्मा योजना और महिलाओं को 50,000 रुपये की वित्तीय मदद देने वाली सुभद्रा योजना तक, इन सभी पहलों का सीधा संबंध आम आदमी की भलाई से है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 17 सितंबर के दिन शुरू हुई प्रमुख योजनाएं कौन-सी हैं, उनके क्या लाभ हैं और आप उनमें कैसे आवेदन कर सकते हैं।
17 सितंबर और जनकल्याणकारी योजनाओं के शुभारंभ की विशेष परंपरा
भारतीय राजनीति में आम तौर पर नेताओं के जन्मदिन पर रैलियां या पार्टी स्तर के कार्यक्रम होते हैं, लेकिन पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने 17 सितंबर को सेवा पखवाड़ा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी घोषणाओं से जोड़ने की एक नई परिपाटी शुरू की है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, छोटे कारीगरों और वंचित तबकों तक सरकारी मदद पहुंचाना रहा है।
चाहे वर्ष 2022 में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत हो, 2023 में ऐतिहासिक पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्घाटन हो या 2024 में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सुभद्रा योजना का शुभारंभ, 17 सितंबर की तारीख सरकारी नीतियों के कैलेंडर में एक युगांतकारी दिन बन चुकी है। इन योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभ पहुंचाया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुआ राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान और आम लोगों को मिलने वाले लाभ
इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक सेवा में उनके 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान’ की आधिकारिक शुरुआत की गई है। 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने चलने वाले इस महा-अभियान का सीधा मकसद देश के आम नागरिकों, वंचितों और मरीजों तक बुनियादी सुविधाएं और सरकारी सहायता पहुंचाना है।
राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के तहत आम जनता को मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं:
- देशव्यापी मुफ्त स्वास्थ्य और रक्तदान शिविर: इस अभियान के अंतर्गत देश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में मेगा हेल्थ चेकअप कैंप लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में टीबी, मधुमेह, रक्तचाप और मोतियाबिंद की मुफ्त जांच, सामान्य दवाइयां और चश्मे मुफ्त बांटे जा रहे हैं।
- मौके पर ही सरकारी योजनाओं का पंजीकरण: इस अभियान के दौरान ब्लॉक और पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के ई-श्रम कार्ड, पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को सस्ता लोन और दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण किट का वितरण मौके पर ही किया जा रहा है।
- स्वच्छता और पर्यावरण अभियान: ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों, अस्पतालों और स्कूलों में सफाई अभियान चलाने के साथ-साथ करोड़ों फलदार व छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं।
- लाभार्थियों से सीधा संवाद: ‘कहानी बदलाव की’ और ‘आशीर्वाद का दीया’ जैसी पहलों के माध्यम से उन करोड़ों परिवारों को मंच दिया जा रहा है जिनके जीवन में सरकारी आवास, नल से जल और मुफ्त अनाज योजनाओं से वास्तविक बदलाव आया है।
पीएम विश्वकर्मा योजना जिसमें मिलता है 15000 रुपये का टूलकिट और सस्ता लोन
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश के करोड़ों पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए 13,000 करोड़ रुपये के बजट वाली ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ की शुरुआत की गई थी, जो आज देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी हुनरमंदों के लिए रीढ़ की हड्डी बन चुकी है। सदियों से अपने हाथों और औजारों से हुनर दिखाने वाले जिन कारीगरों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से मदद नहीं मिलती थी, यह योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है।
इस योजना के अंतर्गत कुल 18 पारंपरिक शिल्पों को शामिल किया गया है, जिनमें बढ़ई (सुथार), लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी, दर्जी, जाल बुनने वाले और नाव बनाने वाले प्रमुख हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ:
- मुफ्त कौशल प्रशिक्षण और स्टाइपेंड: कारीगरों को पांच से सात दिनों का बेसिक स्किल ट्रेनिंग और 15 दिनों का एडवांस ट्रेनिंग प्रोग्राम दिया जाता है। ट्रेनिंग के दौरान कारीगर को प्रतिदिन 500 रुपये का वित्तीय स्टाइपेंड दिया जाता है ताकि उनके दैनिक खर्च प्रभावित न हों।
- 15,000 रुपये का आधुनिक टूलकिट प्रोत्साहन: ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आधुनिक उपकरण और टूल्स खरीदने के लिए सीधे 15,000 रुपये का ई-वाउचर या वित्तीय अनुदान दिया जाता है, जिसे सरकार को वापस नहीं लौटाना होता।
- बिना गारंटी सस्ता लोन: अपना काम बढ़ाने के लिए पहले चरण में 1 लाख रुपये का लोन 5 प्रतिशत की बेहद रियायती ब्याज दर पर मिलता है। इसे 18 महीने में चुकाने के बाद दूसरे चरण में 2 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन 30 महीने के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
- सरकारी पहचान और डिजिटल इंसेंटिव: हर पंजीकृत विश्वकर्मा को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड मिलता है। साथ ही डिजिटल लेनदेन करने पर हर महीने 100 रुपये तक का अतिरिक्त कैशबैक भी दिया जाता है।
महिलाओं को पचास हजार रुपये की सीधी वित्तीय मदद देने वाली सुभद्रा योजना
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुरू की गई ‘सुभद्रा योजना’ देश की सबसे बड़ी महिला कल्याणकारी पहलों में से एक है। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को सीधे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
इस योजना के तहत 21 वर्ष से 60 वर्ष की आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 5 वर्षों की अवधि में कुल 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि हर साल 10,000 रुपये के रूप में दो समान किस्तों (5,000-5,000 रुपये) में बांटी जाती है। पहली किस्त रक्षाबंधन के अवसर पर और दूसरी किस्त 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन सीधे लाभार्थी महिला के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। सुभद्रा योजना में महिलाओं को सुभद्रा डेबिट कार्ड भी जारी किया जाता है, जिससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान में भारी वृद्धि हुई है।
आयुष्मान भव अभियान और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़े के तहत केंद्र सरकार का एक और बड़ा फोकस देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को हर गरीब तक पहुंचाना रहा है। इसी तारीख के आसपास राष्ट्रव्यापी ‘आयुष्मान भव’ महाभियान का आगाज किया गया था, जिसका उद्देश्य देश के हर गांव और कस्बे तक आयुष्मान भारत योजना की पहुंच सुनिश्चित करना था।
इस अभियान के प्रमुख फायदे:
- घर-घर आयुष्मान कार्ड वितरण: जिन गरीब और वंचित परिवारों के नाम सामाजिक-आर्थिक पात्रता सूची में थे, उनके घर-घर जाकर 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज वाले आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाए गए।
- ग्राम स्तर पर हेल्थ कैंप: देश के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोतियाबिंद और कैंसर की शुरुआती जांच के विशेष शिविर लगाए जाते हैं।
- सिकल सेल एनीमिया मुक्ति मिशन: जनजातीय और आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की पहचान के लिए विशेष स्क्रीनिंग कार्ड बनाए गए, जिससे आदिवासी आबादी में इस गंभीर बीमारी को समय रहते रोका जा सके।
प्रमुख योजनाओं के लाभ और पात्रता का तुलनात्मक विवरण
| योजना या अभियान का नाम | लक्षित लाभार्थी वर्ग | मिलने वाली मुख्य सहायता व लाभ | प्रमुख पात्रता शर्त | आवेदन का माध्यम |
|---|---|---|---|---|
| राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान | आम नागरिक, मरीज व मजदूर | मुफ्त स्वास्थ्य जांच, रक्तदान, उपकरण वितरण व योजना कैंप | सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुला अभियान | नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र |
| पीएम विश्वकर्मा योजना | 18 पारंपरिक ट्रेड के कारीगर | 15,000 रुपये टूलकिट अनुदान, 3 लाख तक सस्ता लोन | उम्र 18 वर्ष से अधिक और संबंधित पारंपरिक शिल्प से जुड़ाव | सीएससी सेंटर या pmvishwakarma.gov.in |
| सुभद्रा योजना | गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाएं | 5 वर्षों में 50,000 रुपये (10,000 रुपये प्रति वर्ष) | 21 से 60 वर्ष आयु, सरकारी कर्मचारी व पेंशनभोगी न हों | सुभद्रा पोर्टल या जन सेवा केंद्र |
| आयुष्मान भव अभियान | देश के ग्रामीण व वंचित नागरिक | 5 लाख रुपये तक का वार्षिक मुफ्त कैशलेस इलाज | परिवार का नाम एसईसीसी या राशन कार्ड सूची में दर्ज हो | नजदीकी आरोग्य मंदिर या pmjay.gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब
प्रश्न 1 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार अपने जन्मदिन पर किस नए अभियान की शुरुआत की है?
उत्तर प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले एक महीने के ‘राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है, जिसमें देश भर में मुफ्त स्वास्थ्य मेले, रक्तदान शिविर और जनकल्याणकारी योजनाओं के विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
प्रश्न 2 राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान से आम जनता को क्या सीधा लाभ मिलेगा?
उत्तर इस अभियान के तहत नागरिकों को अस्पतालों में मुफ्त जांच, मुफ्त दवाइयां, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और मजदूरों को सरकारी योजनाओं से मौके पर ही जोड़ने की सुविधा मिल रही है।
प्रश्न 3 पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मिलने वाले 15000 रुपये क्या वापस लौटाने होते हैं?
उत्तर नहीं, 15,000 रुपये की राशि आधुनिक टूलकिट खरीदने के लिए दिया जाने वाला ई-वाउचर अनुदान है। इसे सरकार को वापस नहीं लौटाना होता।
प्रश्न 4 सुभद्रा योजना में महिलाओं को कितने रुपये मिलते हैं और यह किनके लिए है?
उत्तर सुभद्रा योजना के तहत पात्र महिलाओं को पांच साल में कुल 50,000 रुपये (10,000 रुपये सालाना दो किस्तों में) दिए जाते हैं। यह योजना 21 से 60 वर्ष की आयु वाली आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए है।
प्रश्न 5 पीएम विश्वकर्मा योजना का लोन लेने के लिए क्या किसी गारंटर या संपत्ति की जरूरत होती है?
उत्तर बिल्कुल नहीं, यह पूरी तरह कोलेटरल-फ्री यानी बिना गारंटी वाला लोन है। इसमें पहले चरण में 1 लाख रुपये और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये का लोन केवल 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर मिलता है।
